दक्षिण भारत से एक साथ दो विरोधी खबरें आ रहीं हैं। एक तरफ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पन्नी सेल्वम ने विधान सभा में सप्रमाण वक्तब्य दिया है कि 'जल्लीकुट्टू' के समर्थकों की भीड़में कुछ 'अराजक'तत्व घुस आये थे जिनके पास लादेन के फोटो थे ! सोशल मीडिया पर जब प्रगतिशील -शांतिकामी लोगों ने जल्लीकुट्टू का विरोध किया था तब कुछ अहमक 'देशभक्तों' ने तमिल परम्परा और संस्कृति का वास्ता देकर जल्लीकुट्टू का समर्थन किया था। सवाल उठता है कि बेजुबान पशुओं को सताने वाली संस्था 'पेटा' यदि विदेशी विचारधारा है तो 'फासीवाद' और 'नाजीवाद' कौन सी वैदिक विचारधारा है ? मानवता को किस से खतरा है ? पेटा से ,'अहिंसा सिद्धान्त' से या लादेन वादियों से या जल्लीकुट्टूवादियों से ? जल्लीकुट्टू के अंधसमर्थकों ने जानवरोंकी हमदर्द संस्था 'पेटा'को विदेशी विचारधारा बताकर उसे भारत छोड़ने की मांग की है। क्या पशुओं को सताना भारतीय परम्परा है ? यदि हाँ !तो जल्लीकुट्टू में लादेनवादियों का होना भी लाजिमी है! क्योंकि इन आतंकियों को तो हर प्राणी को सताने में मजा आता है। जल्लीकुट्टू समर्थक और लादेन समर्थक जब एक हैं तो देशभक्त वुद्धिजीवियों का दायित्व है कि केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार की कारगुजारी का पर्दाफास करें !
शुक्रवार, 27 जनवरी 2017
मानवता को किस से खतरा है ?
दक्षिण भारत से एक साथ दो विरोधी खबरें आ रहीं हैं। एक तरफ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पन्नी सेल्वम ने विधान सभा में सप्रमाण वक्तब्य दिया है कि 'जल्लीकुट्टू' के समर्थकों की भीड़में कुछ 'अराजक'तत्व घुस आये थे जिनके पास लादेन के फोटो थे ! सोशल मीडिया पर जब प्रगतिशील -शांतिकामी लोगों ने जल्लीकुट्टू का विरोध किया था तब कुछ अहमक 'देशभक्तों' ने तमिल परम्परा और संस्कृति का वास्ता देकर जल्लीकुट्टू का समर्थन किया था। सवाल उठता है कि बेजुबान पशुओं को सताने वाली संस्था 'पेटा' यदि विदेशी विचारधारा है तो 'फासीवाद' और 'नाजीवाद' कौन सी वैदिक विचारधारा है ? मानवता को किस से खतरा है ? पेटा से ,'अहिंसा सिद्धान्त' से या लादेन वादियों से या जल्लीकुट्टूवादियों से ? जल्लीकुट्टू के अंधसमर्थकों ने जानवरोंकी हमदर्द संस्था 'पेटा'को विदेशी विचारधारा बताकर उसे भारत छोड़ने की मांग की है। क्या पशुओं को सताना भारतीय परम्परा है ? यदि हाँ !तो जल्लीकुट्टू में लादेनवादियों का होना भी लाजिमी है! क्योंकि इन आतंकियों को तो हर प्राणी को सताने में मजा आता है। जल्लीकुट्टू समर्थक और लादेन समर्थक जब एक हैं तो देशभक्त वुद्धिजीवियों का दायित्व है कि केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार की कारगुजारी का पर्दाफास करें !
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