गुरुवार, 10 नवंबर 2016


  प्रेसिडेंट पद पर डोनाल्ड ट्रम्प की जीत से  न केवल अमेरिका में बल्कि पूरी दुनिया में अचरज का माहौल  है। जिन लोगों ने हिलेरी की जीत  की भविष्यवाणी की थी और जिन्होंने  ट्रम्प को  'मसखरा' या   'लम्पट' कहा था वे अभी कोमा में हैं। वास्तविकता यह है कि साम्राज्यवादी मुल्क अमेरिका  पूरा का पूरा 'भाँग का कुआँ' ही है ,वहाँ कोई भी प्रेजिडेंट बने, लेकिन सत्ता केवल 'आवारा पूँजी' के निर्देशानुसार ही चलेगी ! अब रही बात तथाकथित सभ्य महिला हिलेरी क्लिंटन की दर्दनाक हार की ,तो पांच साल पहले इन्ही ट्रम्प महाशय ने कहा था ''अमेरिकी महा बेवकूफ होते हैं ''! श्रीराम तिवारी !

 इंदौर ,दिनांक १० नवम्बर -२०१६ ,दैनिक भास्कर की खबर है कि '' विगत आधी रात के बाद से सुबह ४ बजे तक  इंदौर में ५० हजार रुपया प्रति १० ग्राम के भाव से १०० किलो सोना खरीदा गया ! '' यह बताने की जरूरत नहीं कि खरीददार कौन थे ? इनमें से अधिकांस वे  लोग थे जो  कालेधन के मालिक हैं और दिन में अपने आपको 'राष्ट्रवादी' या  सेक्यूरिस्ट 'कहते हैं।  यदि अकेला इंदौर सराफा ही  मात्र तीन घण्टे में ५०० ००००००० /- करोड़ के  कालेधन को सफ़ेद में बदल सकता है,तो देश के अन्य शहरों -और कसवों का कुल योग कितना होगा ?  भारत के धर्मनिरपेक्ष ,ईमानदार और  लाइन में लगकर ,तकलीफ उठाकर २-४ हजार रूपये के लिए पसीना बहाने वाले नर-नारी  सवाल कर रहे हैं कि  प्रधानमंत्री मोदी जी  कहीं आपका यह मौद्रिक सर्जिकल स्ट्राइक भी संदेहास्पद तो नहीं है ? और इसकी भी क्या  गारन्टी है कि  पाकिस्तान का एएसआई और आतंकी निजाम  आइंदा नकली नोट छापकर भारत भेजना बंद कर देगा ? जब व्हाइट कॉलर लोग नयी तकनीक ईजाद कर सकते हैं तो आतंकी  ऐंसा क्यों  नहीं कर सकते  ? श्रीराम तिवारी !
  

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