नोटबंदी के कारण इतनी सारी मौतें हो जाने के बाद ,निरीह जनता की करोड़ों बेबस आँखों से गंगा-जमुना बह जाने के बाद , नोटबंदी योजना में लगातार संशोधन रुपी सैकड़ों थेगड़े लग जाने के बाद ,डॉ मनमोहनसिंह उर्फ़ 'मौनी बाबा' अब जाकर राज्य सभा में बोले हैं ! जो व्यक्ति १० सालतक देश का प्रधानमंत्री रहा हो और जिसकी रहस्यमय 'चुप्पी' के कारण जुमलेबाजों को सत्ता नसीब हुई हो, जो सन्सार के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हो , जो विश्वबैंक का डायरेक्टर और अंतर्राष्टीय मुद्राकोष का सलाहकार रहा हो -उसका इस तरह देर से मुखर होना किस काम का ? गोस्वामी तुलसीदास जी बाबा शायद इन्ही के लिए कह गए हैं -'' का वर्षा जब कृषि सुखाने। समय चुके पुनि का पछताने।। '' For more reading please visit on www.janwadi.blogspot.com
गुरुवार, 24 नवंबर 2016
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें